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एक-दूसरे के टाइम टेबल पर नहीं चल पाएंगी बसें

| रोडवेज अधिकारियों की तरफ से निर्देश जारी किए गए हैं कि एक-दूसरे के टाइम पर बसें नहीं चलेंगी। जिन बसों का जो टाइम निश्चित है, उसी टाइम पर चलवाई जाएं। इसको लेकर सभी स्टैंडों पर पत्र जारी कर दिए हैं। इससे प्राइवेट बस संचालकों में रोष है। शनिवार और रविवार को रोडवेज स्टाफ उन बसों को काउंटर से हटवाते गए जिनका टाइम उस समय नहीं था।

करनाल जिले में सबसे महत्वपूर्ण असंध रोड है, इस मार्ग पर 19 अड्‌डे पड़ते हैं और 7 मिनट की सर्विस में बसें भरकर चलती हैं। इससे मुनाफा ज्यादा है। फिर भी कुछ कर्मचारी टाइम-टेबल को दरकिनार करके बसों को दौड़ा रहे थे। रोडवेज कर्मचारी यूनियन के नेता सुरेश कुमार लाठर ने कहा कि अधिकारियों की तरफ से पत्र जारी हुआ है। उन प्राइवेट बसों को नहीं चलने दिया जाएगा, जो दूसरी बसों के टाइम पर चलती हैं।

इससे रोडवेज और प्राइवेट बस स्टाफ में रोजाना झगड़े हो रहे हैं। इस स्थिति को समझते हुए अधिकारियों ने सभी स्टैंडों पर निर्देश दिए हैं कि जिस बस टाइम है, वही बस चलनी चाहिए। प्राइवेट बस संचालक रोटेशन में बसों को चला रहे थे। इससे सवारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।



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पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...