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14 हजार बच्चों के बीच हुई 22 स्पर्धाओं में चार सौ ने हासिल किया प्रथम स्थान

बाल उत्सव के तहत जिलेभर में बाल कल्याण परिषद द्वारा करवाई गई 22 तरह की स्पर्धाओं में 14 हजार बच्चों ने भागीदारी दी। इनमें से निर्णायक मंडलों ने रिजल्ट निकालते हुए 400 बच्चों काे प्रथम, द्वितीय, तृतीय और सांत्वना पुरस्कारों के लिए चयनित किया। मंगलवार को दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मुरथल में जिला स्तरीय बाल महोत्सव में इन प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित किया गया। उपायुक्त एवं जिला बाल कल्याण परिषद के चेयरमैन श्याम लाल पूनिया मुख्य अतिथि के तौर पहुंचे और अध्यक्षता रोहतक डिविजन चाइल्ड वेल्फेयर ऑफिसर अनिल मलिक ने की।

समारोह में उपायुक्त नेे अभिभावकों को मोबाइल फोन की दुनिया से बाहर निकलकर वास्तविक संसार में आने के लिए चेताया। उन्होंने कहा कि माता-पिता को अपने बच्चों में संस्कार स्थापना और उनके भविष्य निर्माण की ओर विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए। कोरोना काल ने हमें आत्मचिंतन के लिए यह बेहतरीन अवसर दिया है, जिसे व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। बच्चों के साथ अधिकाधिक समय व्यतीत करना चाहिए, ताकि उन्हें अच्छा और काबिल इंसान बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या को जड़े से खत्म करने की जरूरत है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को तभी सही अर्थों में सफलता मिलेगी। शिक्षा को और बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों जमाया रंग

बाल महोत्सव-2020 के पुरस्कार वितरण समारोह को छात्र-छात्राओं ने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। जानकीदास स्कूल के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत- करते हैं स्वागत सारे से उपायुक्त का अभिनंदन किया। हिंदू विद्यापीठ की छात्राओं ने शास्त्रीय समूह नृत्य की मधुर प्रस्तुति दी। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मुरथल अड्डा की छात्राओं ने हरियाणवी समूह नृत्य- दुनियां म्है होग्या नाम म्हारे हरियाणे का, की दमदार प्रस्तुति दी। इसी विद्यालय की छात्रा मुस्कान ने एकल हरियाणवी नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। साथ ही ऋषिकुल विद्यापीठ की नन्हीं छात्राओं ने जानदार हरियाणवी समूह नृत्य- मेरा चुंदड़ मंगा दे हो नणदी के बीरा की प्रस्तुति देते हुए खूब तालियां बटोरी।

बाल महोत्सव की स्पर्धाओं में बाल देखभाल केंद्रों के बच्चों ने सफलता की हासिल

बाल महोत्सव की स्पर्धाओं में जिला के बाल देखभाल केंद्रों के विद्यार्थियों ने भी सफलता हासिल की है। इनमें बाल ग्राम राई की ज्योति व कर्मजीत, एसओएस सेक्टर-14 के अनिकेत तथा मेहबूब और सपना बाल कुंज के बादल शामिल रहे। जिला बाल कल्याण अधिकारी सुरेखा हुड्डा ने बताया कि इस बार बाल महोत्सव के तहत ऑनलाइन वीडियो आधार पर प्रतियोगिताएं हुई। समारोह में मुख्यमंत्री के सुशासन सहयोगी प्रगुण अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी जोगेंद्र हुड्डा, जिला रेडक्रॉस सोसायटी की सचिव सरोजबाला, जिला बाल संरक्षण अधिकारी डा. रितु गिल, बाल संरक्षण अधिकारी (गैर-संस्थानिक) आरती, बाल संरक्षण अधिकारी (संस्थानिक) ममता शर्मा, सरदार मोहन सिंह मनोचा, रविंद्र सरोहा, सरदार विक्रम सिंह, दिलबाग सिंह, कविता आदि अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।



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Four hundred achieved first place in 22 events held among 14 thousand children


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