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सेक्टरों में बड़े प्लाॅट मालिकों को प्लाॅट ट्रांसफर करने पर देना होगा 12 गुना तक अधिक शुल्क

सेक्टरों में प्लाॅट या मकान ट्रांसफर कराने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने तकरीबन 15 सालों में प्रशासकीय शुल्क की दरें रिवाइज कर दी हैं। शुल्क की यह दरें छोटे साइज के प्लॉटधारकों के लिए लाभकारी और बढ़े प्लॉटधारकों की जेब पर भारी पड़ने वाली हैं। पहले एचएसवीपी की ओर से चाहे रेजिडेंशियल हो या कमर्शियल, प्लाॅट-मकान छोटे साइज का हो या बड़े साइज में ट्रांसफर कराने पर 5 हजार रुपए प्रशासकीय शुल्क लगता था।

इसमें अतिरिक्त सिर्फ जीएसटी जुड़ता था। लेकिन अब पोटेंशियल जोन के अनुसार रेजिडेंशियल, कमर्शियल, स्कूल, क्लिनिक के लिए प्लाॅट साइज के हिसाब से अलग-अलग प्रशासकीय शुल्क दरें तय की गई हैं। करनाल जिला मीडियम जोन में आता है। यहां पर रेजिडेंशियल प्लाॅट-मकानों की रिवाइज दरों में सबसे छोटे साइज के प्लाॅट का प्रशासकीय शुल्क आधे से भी कम रह गया है, जबकि सबसे बड़े साइज के प्लाॅट का शुल्क 12 गुना तक बढ़ गया है। सीएम सिटी में सेक्टरों में दो मरले तक के प्लाॅट को बेचने-खरीदने के दौरान एक से दूसरे के नाम ट्रांसफर कराने पर 2200 रुपए प्रशासकीय शुल्क अदा करना होगा, जबकि दो कनाल के सबसे बड़े साइज के प्लाॅट को ट्रांसफर कराने पर 60 हजार रुपए चुकाने होंगे।

चार मरले के प्लाॅट का पुराना रेट
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से प्रशासकीय शुल्क के जो रेट दोबारा से निर्धारित किए गए हैं, उनमें दो मरले तक के प्लाॅट के रेट पुराने रेट के मुकाबले आधे से भी कम हो गए हैं, जबकि तीन मरले के प्लाॅट के रेट 3200 रुपए किए गए हैं। इससे आगे चार मरले के प्लाॅट के रेट पुराने वाले ही 5000 रुपए रखे गए हैं।

आमदनी बढ़ेगी

हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से हर रोज प्लाॅट-मकान ट्रांसफर के 8 आवेदन आते हैं। एक महीने में 250 के करीब ट्रांसफर केस आ जाते हैं। इस तरह से प्राधिकरण की आय में अच्छी खासी आमदन की बढ़ोतरी होगी। क्योंकि हरियाणा एचएसवीपी न तो कोई नया सेक्टर ला पा रहा है और न पुराने सेक्टरों में बचे प्लाॅटों को बेचने में सफल हो रहा है। ऐसे में प्रशासकीय शुल्क की दरों में बढ़ोतरी आर्थिक संकट से बड़े सहयोग का काम करेगी। एचएसवीपी के कर्मियों का कहना है कि 5 साल पहले सरकार इस तरह का निर्णय ले लेती तो एचएसवीपी की आर्थिक स्थिति आज अच्छी होती।



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