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हाईकोर्ट पहुंचा ट्रांसफर का मामला, 45 सचिवों के तबादले रद्द

पंचायत विभाग में प्रोविजनल ट्रांसफर और रिक्त पदों सहित अस्थायी तौर पर लगाए ग्राम सचिवों के तबादला आदेश तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिए गए हैं। इसके तहत जिला में 45 ग्राम सचिवों के तबादले किए गए हैं जो कि ऑनलाइन ट्रांसफर के अलावा पहले नया खंड बनने सहित अन्य कारणों से प्रोविजनल ट्रांसफर पर दूसरे खंडों में गए हुए हैं। अब उन्हें अपनी मूल पंचायत में ही कार्यभार संभालना होगा।

राज्य सरकार की तरफ से सितंबर माह में पूरे प्रदेश में ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के तहत ग्राम सचिवों के भी तबादले किए थे। इन तबादलों का आधार तीन साल का कार्यकाल एक ही खंड में होना बनाया गया था जिसके तहत जिला में लगभग 70 ग्राम सचिवों सहित पूरे प्रदेश में तबादला किए गए थे।

एक ही खंड में तीन साल का आधार होने की वजह से कई ऐसे ग्राम सचिवों का भी तबादला हो गया था जो कि कई सालों से एक खंड में ही जमें हुए थे। इसके अलावा नए खंड का सृजन करने के साथ अन्य कारणों से दूसरे स्थानों पर लगाए हुए थे।

इसी बीच कई जिला में उपायुक्तों की तरफ से ऑनलाइन ट्रांसफर के बावजूद भी सचिवों के प्रोविजनल ट्रांसफर करके उन्हें वापस या तो उन्हीं पंचायतों में लगा दिया या फिर नजदीकी पंचायत का अतिरिक्त कार्यभार देकर लगभग पुराने ठिकानों पर पहुंचा दिया गया। सभी जिलों में यह प्रयोग हुआ है।

उधर सरकार की तरफ से ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी में त्रुटि अथवा बीमारी सहित पारिवारिक समस्या के आधार पर राहत देने के लिए एक कमेटी का भी गठन किया है। इस कमेटी को जिनके आवेदन मिले हैं उन पर अभी कोई निर्णय नहीं दिया है।

इसी बीच लगभग सभी जिलों में ग्राम सचिवों के प्रोविजनल ट्रांसफर कर दिए गए। इसी को लेकर जींद जिला में एक ग्राम सचिव की तरफ से हाईकोर्ट में इन अस्थायी स्थानांतरण के खिलाफ याचिका दाखिल की गई है। इस याचिका के आधार पर हाईकोर्ट ने पंचायत विभाग के निदेशक से रिपोर्ट तलब की है।

हाईकोर्ट की इस रिपोर्ट के बाद सभी जिलों में हड़कंप मच गया है। तत्पश्चात रेवाड़ी जिला में भी प्रशासन की तरफ से ग्राम सचिवों के ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी और पहले विभिन्न कारणों से किए गए ट्रांसफरों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।

विभिन्न कारणों से हुए प्रोविजनल ट्रांसफर

जिला में 45 सचिवों के जिला प्रशासन की तरफ से विभिन्न कारणों के चलते पहले किए गए प्रोविजनल तबादला सहित अतिरिक्त चार्ज एवं एक-दूसरे के स्थान पर सेटलमेंट किया गया था वह सभी रद्द हो गए हैँ। इसके बाद जून 2019 से दिसंबर 2020 तक किए गए सभी अस्थायी तबादला आदेशों को रद्द कर दिया गया है।

इन सचिवों को जाना होगा पुरानी पंचायतों में
उपायुक्त कार्यालय की तरफ से जारी किए गए तबादला आदेश में जगबीर को नाहड़ से बावल, कर्मबीर को नाहड़ से बावल, रामकिशन को बावल से रेवाड़ी, गजराज को डहीना से जाटूसाना, सुनीता को रेवाड़ी से जाटूसाना, जितेंद्र को डहीना से जाटूसाना राजेश को डहीना से जाटूसाना, जगबीर को बावल से जाटूसाना, राजपाल को रेवाड़ी से खोल, नरेश को रेवाड़ी से खोल, कर्मबीर को नाहड़ से बावल, भावेश भारद्वाज को बावल से नाहड़, संजीव को बावल से नाहड़, रामकिशन को धारूहेड़ा से बावल भेजा गया है।

जगबीर को धारूहेड़ा से बावल, अजय कुमार को धारूहेड़ा से बावल, रोहित को धारूहेड़ा से बावल, अर्जुन को धारूहेड़ा से रेवाड़ी, वेदप्रकाश को धारूहेड़ा से रेवाड़ी, अंकुर को धारूहेड़ा से रेवाड़ी, रवि को धारूहेड़ा से रेवाड़ी,नवीन को धारूहेड़ा से रेवाड़ी, नरेश को खोल से डहीना, अभय को डहीना से खोल, लक्षेंद्र को डहीना से खोल,अरविंद को डहीना से खोल, अर्जुन को धारूहेड़ा से बावल, नवीन को धारूहेड़ा से बावल, रोहित को धारूहेड़ा से रेवाड़ी, सत्यवान को धारूहेड़ा से रेवाड़ी, पवन को धारूहेड़ा से रेवाड़ी, सुरेंद्र को रेवाड़ी से जाटूसाना, श्रीभगवान को धारूहेड़ा से रेवाड़ी, निशा कुमारी को धारूहेड़ा से रेवाड़ी, अंकुर को धारूहेड़ा से बावल, वेदप्रकाश को धारूहेड़ा से बावल, विकास को जाटूसाना से बावल, मामन को रेवाड़ी से खोल, श्रीभगवान को नाहड़ से जाटूसाना भेजा गया है। इसी तरह गजेंद्र को बावल से रेवाड़ी, इंद्रपाल को बावल से रेवाड़ी, संदीप को रेवाड़ी से बावल, रीतू देवी को रेवाड़ी से जाटूसाना, पूनम देवी को जाटूसाना से रेवाड़ी ट्रांसफर किया गया है।



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