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बारिश में परिवार के लिए किराए पर लिए कमरे, दो-दो हजार रुपए में लिए कमरे किराये पर

तीन दिनों से हो रही बारिश से कुंडली बॉर्डर पर हालात बिगड़ते जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें सबसे ज्यादा महिलाओं और बच्चों की चिंता है, इसीलिए उन्हें बचाने के लिए किराए पर कमरे ले रहे हैं। कुंडली, प्याउ मनियारी व रसोई गांव में कमरे लिए गए हैं। दर्जन भर महिलाओं को बच्चों के साथ कमरों में शिफ्ट भी किया गया है।

तरनतारन निवासी सिमरनजीत कौर, प्रीतमजीत कौर ने बताया कि दो हजार रुपए में कमरा लिया है। इसके अलावा बुजुर्ग किसानों के लिए ढाई हजार वाटरप्रूफ टेंट लगाए गए हैं। खाने के सामान को बारिश से बचाने के लिए टीनशेड और टेंट लगाए गए हैं। किसान राजगुरु सिंह ढिंडसा ने कहा कि हजारों क्विंटल ईंंधन गीला हो गया है, लेकिन गैस सिलेंडरों का प्रबंध कर लिया है।

टेंट में मोगा के किसान विजय प्रताप कैरो व विक्रमजीत सिंह ने कहा कि अब बारिश आए या ओले गिरें, यहां से फतेह करके ही जाएंगे। उन्होंने बताया कि ढाई हजार वाटरप्रूफ टेंट और मंगाए गए हैं। जब हमारे गुरु साहिब जंग के लिए निकलते थे तो सर्दी, गर्मी या बारिश की फिक्र नहीं करते थे। जब ठान लिया तो फिर परवाह नहीं करते। यहां लगे 20 से अधिक मेडिकल कैंप खुले से तिरपाल के नीचे आ गए हैं। सिख एड संस्था के सदस्य गुरजीत सिंह ने बताया कि डॉक्टर ट्रॉलियों में मरीजों तक पहुंच रहे हैं।

आंदोलन स्थल के आसपाल के होटलों और श्रमिकों के सारे कमरे फुल हैं। इसके अलावा मुरथल के करीब 7 होटल हैं। यहां भी किसान परिवार रह रहे हैं। टीडीआई सिटी में भी 60 कमरे बुक किए गए हैं। संयुक्त मोर्चा के सदस्य तरनजीत सिंह ने बताया कि जो किसान अपने परिवार समेत आए हुए हैं। उन्होंने आसपास के होटलों में कमरे किराए पर ले लिए हैं, ताकि महिलाओं व बच्चों को बारिश से बचाया जा सके।



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Rooms rented for family in the rain, rooms for two thousand rupees for rent


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