Skip to main content

विहिप की बैठक, संगठन विस्तार पर की चर्चा

विश्व हिन्दू परिषद जिला ईकाई की ओर से खोल प्रखंड के गांव पाड़ला में संगठन विस्तार के लिए बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता गांव के नंबरदार रणबीर ने की।

बैठक में विहिप के जिला मंत्री नरेन्द्र जोशी ने संगठन के स्वरूप, महत्व एवं उद्देश्य के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा की। जोशी ने विहिप द्वारा एक फरवरी से शुरू होने वाले श्रीराम मंदिर अयोध्या के निर्माण के लिए धन संग्रह अभियान की भी चर्चा की।

साथ ही इस बड़े कार्य के लिए वर्तमान में बन रही योजनाओं का जिक्र किया। इस दौरान परिषद महिला इकाई मातृ शक्ति की जिला संयोजिका हेमलता तंवर को नियुक्त किया गया। इसके अतिरिक्त सीमा गुप्ता को मातृशक्ति की जिला सह-संयोजिका, रूपेश जैनाबाद को डहीना प्रखंड का उपाध्यक्ष एवं देवेंद्र पाड़ला को कुंड खंड का बजरंग दल संयोजक नियुक्त किया गया। इस मौके पर डॉ. रणसिंह, दुर्गावाहिनी की विभाग संयोजिका भावना जोशी, रेवाड़ी नगर संयोजिका प्रवीण कुमारी, रेवाड़ी नगर संयोजक देवेश व विहिप कार्यकर्ता रामेश्वर सिंह मौजूद रहे।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/38oIzUn

Popular posts from this blog

पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...