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60 प्रतिशत महिलाओं में खून की कमी, डाइट समय पर लेना जरूरी

राजकीय कन्या महाविद्यालय पिल्लूखेड़ा में महिला सेल द्वारा डाइट फॉर ए हेल्दी लाइफ विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या डॉ. मंजूलता ने की। कार्यक्रम में फेमस डाइटिशियन डॉक्टर सुरेंद्र ने शिरकत की। वह पिछले 7 सालों से सिविल अस्पताल जींद में कार्यरत है और मेडिकल साइंस में उनको बहुत अनुभव है।

जिला अस्पताल के डाइटीशियन डॉ सुरेंद्र ने बताया कि देश में पोषक भोजन को लेकर लोग जागरुक नहीं हैं। इसके चलते खून की कमी जैसी बीमारियों से पीड़ित होते हैं। हाल यह है कि देश में 60 प्रतिशत से ज्यादा महिलाओं में खून की कमी पाई जाती है। इसका मुख्य कारण यह है कि वह अपनी प्रॉपर डाइट नहीं ले पाते। उनको अपनी रोज की दिनचर्या में बदलाव करने की आवश्यकता है और अपनी डाइट में आयरन और कैल्शियम की मात्रा को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाना चाहिए।

कभी भी चाय को खाने के साथ नहीं लेना चाहिए, क्योंकि चाय में मौजूद कॉफी न हमारे आयरन और कैल्शियम को डाइजेस्ट होने से रोकता है और इससे प्रोटीन आयरन कैल्शियम जो हमारे खाने में विद्यमान होते है। वह हमारी बॉडी को भरपूर मात्रा में नहीं मिल पाते। हमें अपना एचबी टेस्ट जरूर करवाना चाहिए। अपने एचबी का हर किसी लड़की को पता होना चाहिए। यदि हमारे एचबी में बढ़ोतरी नहीं होती तो हमें किसी डॉक्टर के पास जाकर बात करनी चाहिए, ताकि हमारी बॉडी में एचबी भरपूर मात्रा में हो जाए। इस मौके पर बबीता, देवेंद्र कुमार, दीपक कुमार, प्रदीप कुमार, ग्रीन कुमार, सुरक्षा और संजय कुमार मौजूद रहे।



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Anemia in 60 percent women, diet is necessary on time


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लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...