Skip to main content

काॅलाेनियाें में 3 दिन से कूड़ा लेने नहीं आ रही गाड़ियां, बाजाराें में दोपहर में उठ रहा

शहर की ज्यादातर काॅलाेनियाें में डाेर-टू-डाेर कूड़ा कलेक्शन 3 दिन से पूरी तरह से बंद है। सुबह के समय जेबीएम की गाड़ियां नहीं आने से शहरवासी सड़काें व चाैक चौराहों पर कूड़ा फेंकने काे मजबूर हैं। शहरवासियाें का कहना है कि सफाई व्यवस्था पर जेबीएम, जन प्रतिनिधियों व निगम अधिकारियाें का काेई ध्यान नहीं है। इससे सड़काें व चाैक चौराहों पर गंदगी के ढेर लगने से बीमारियां फैलने के खतरे बढ़ रहे हैं।

शहर के माॅडल टाउन एरिया निवासी पवन कुमार व सुरेंद्र सिंह, 8 मरला चाैक निवासी साेमदत्त, सतकरतार काॅलाेनी निवासी दिलबाग देशवाल, किशनपुरा निवासी नरेश कुमार व न्यू हाउसिंग बाेर्ड काॅलाेनी निवासी विकास साेढी का कहना है कि निगम की गाड़ियाें के आने का काेई समय नहीं है। 3 दिन से ताे काेई गाड़ी आ ही नहीं रही है। वहीं राजपूताना बाजार प्रधान अशाेक सलूजा का कहना है कि गंदगी के साथ-साथ खराब स्ट्रीट लाइट भी मुसीबत बन चुके हैं। कराेड़ाें रुपए प्राॅपर्टी टैक्स जमा कराने पर भी शहरवासी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। दाेनाें विधायकाें से मांग करते हैं कि इन समस्याओं पर ध्यान दें।

बाजाराें में दाेपहर में आती हैं ट्रैक्टर-ट्राॅलियां

संयुक्त व्यापार मंडल प्रधान सुनील अराेड़ा व इंसार बाजार प्रधान सुशील भराड़ा व अन्य का कहना है कि बाजाराें में दाेपहर के समय ट्रैक्टर-ट्रालियां कूड़ा उठाने के लिए आ रहे हैं। निगम अधिकारियाें से बार-बार मांग करके थक चुके हैं कि बाजराें कूड़ा उठाने के लिए आने वाली ट्रैक्टर-ट्रालियाें व अन्य गाड़ियाें का समय सुबह दुकान खुलने से पहले और रात में बंद हाेने के बाद तय किया जाएं।

एरिया सुपरवाइजराें काे देंगे सख्त निर्देश : क्षेत्रीय प्रबंधक
शहर में डाे-टू-डाेर कूड़ा कलेक्शन पर जाेर दिया जा रहा है। बाजाराें में भी गाड़ियाें का समय तय किया हुआ है। अगर इन दाेनाें ही विषयाें पर काेई लापरवाही हाे रही है ताे संंबंधित एरिया सुपरवाईजराें से बातचीत काे सख्त निर्देश दिए जाएंगे। अतिंद्र सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, जेबीएम।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
इंसार बाजार में दाेपहर के समय कूड़ा उठाने पहुंचे ट्रैक्टर-ट्राॅली के कारण लगा जाम।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2WS5TmA

Popular posts from this blog

पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...