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फायरिंग करने पर खनन विभाग टीम पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज, ड्यूटी में बाधा डालने का आरोप

बालसमंद रोड पर चंदन नगर के पास फायरिंग मामले में सदर थाना पुलिस ने क्राॅस केस दर्ज किया है। अंधाधुंध फायरिंग के दौरान बाजू में गोली लगने से घायल पातन वासी राजकुमार के बयान पर सरकारी गाड़ी में सवार खनन विभाग टीम पर हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है।

वहीं, खनन विभाग में रक्षक संदीप के बयान पर ट्राला चालक मांगे राम सहित 5-6 अन्यों के विरुद्ध जिप्सम खनिज की अवैध खनन, सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने, हमला करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। फायरिंग के दौरान लोहा मंडी के व्यापारी भामाशाह नगर वासी ओम प्रकाश भी घायल हुए थे, जिनका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। अभी आईसीयू में दाखिल हैं। पुलिस का कहना है कि बयान लेने के बाद ही मामले की जांच कर सच्चाई को सामने लाया जाएगा।

घायल राजकुमार ने पुलिस को बताया- कहासुनी का कारण पूछने रुका था, तभी गोलियां चला दीं, जिसमें मैं और ओम प्रकाश घायल हो गए

ऑटो मार्केट में टायर-पंक्चर का काम करता हूं। शनिवार शाम बाइक पर अपने गांव पातन जा रहा था। मेरे साथ भाई भले सिंह और भतीजा अनिल था। जब चंदन नगर माइनर के पास पहुंचे तो वहां काफी भीड़ थी। जाम लगा हुआ था। आगे जाकर देखा तो ट्राला के आगे सरकारी बोलेरो गाड़ी खड़ी थी। वहां जानकार व्यापारी ओम प्रकाश मिले। 100-150 लोग भी इकट्‌ठे थे। ओम प्रकाश व बोलेरो गाड़ी सवाराें के बीच कहासुनी हो रही थी। मैंने ओम प्रकाश के पुत्र शौकी व अन्य से बहस का कारण पूछा था।

उन्हाेंने बताया कि ओम प्रकाश का ड्राइवर मांगे राम जिप्सम से भरा ट्राला राजस्थान से लेकर आ रहा था। खनन विभाग वाले बोलेरो गाड़ी में आकर दस्तावेज जांच रहे थे, जिसको लेकर कहासुनी हुई। इस दौरान विभाग के सदस्य ने तैश में आकर पिस्तौल निकाल ली। उसने मुझे व ओम प्रकाश पर जान से मारने की नियत से गोलियां चलानी शुरू कर दी थी। इसमें एक गोली मेरे हाथ में लगी थी। एक गोली ओम प्रकाश गोयल की छाती में लगी थी। हम दोनों को उपचार के लिए अस्पताल में दाखिल करवाया था। -जैसा कि घायल राजकुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया।

मोबाइल न होता तो व्यापारी की छाती में लगती गोली

ट्राले को रोकने की सूचना पर व्यापारी-ट्रांसपोर्टर ओम प्रकाश भी मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान मामला बिगड़ा हुआ था। गोलियां चलने लगी। तभी एक गोली ओम प्रकाश की छाती पर लगी मगर बीच में मोबाइल फोन आ गया था, जिससे टकराकर गोली साइड से निकल गई मगर उससे निकले छर्रे पसली के पास जा लगे। मोबाइल न होता तो गोली छाती में लगती और ओम प्रकाश की जान पर बन आती। फिलहाल ऑपरेशन करके छर्रे निकाले गए हैं। निजी अस्पताल के आइसीयू में भर्ती हैं जिनके बयान दर्ज नहीं हो सके हैं।

यह होता है जिप्सम

जिप्सम एक तलछट खनिज है। क्षारीय मृदा या मिट्टी के उपचार के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण यौगिक माना जाता है। इसमें 23.3 प्रतिशत कैल्शियम एवं 18.5 प्रतिशत सल्फर होता है। जब यह पानी में घुलता है तो कैल्शियम एवं सल्फेट आयन प्रदान करता है।

भादरा से ट्राला में जिप्सम खनिज लोड करके ठसका गांव लाया जा रहा था। इस दौरान खनन विभाग टीम चेकिंग कर रही थी। उस दौरान विवाद और फायरिंग हुई थी। पुलिस ने जिप्सम से भरा ट्राला और खनन विभाग की सरकारी गाड़ी को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। घायल ओम प्रकाश अनफिट है। उसके बयान भी लिए जाएंगे। सच्चाई जानकार ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।-मनोज कुमार, एसएचओ, सदर थाना।



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Mining department team filed a case of attempt to murder on firing, charge of obstructing duty


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