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वैश्य सीनियर सेकंडरी स्कूल में एनएसएस कैंप शुरू

मानव के लिए समाज सेवा सबसे बड़ा कर्तव्य है। सेवा करने से व्यक्ति को शांति मिलती है। यह बात समाजसेवी, अधिवक्ता एवं वैश्य महाविद्यालय ट्रस्ट के अध्यक्ष शिवरत्न गुप्ता ने वैश्य सीनियर सेकंडरी स्कूल में सात दिवसीय एनएसएस कैंप के बतौर मुख्यअतिथि शुभारंभ करते हुए कही। उन्होंने कहा कि कि एनएसएस कैडेट्स समाज निर्माण की प्रथम कड़ी है।

इसी किशोरावस्था में विद्यार्थियों के अन्दर सेवा, समर्पण और सहयोग की भावना का उदय होता है। आपातकाल के समय एनएसएस और एनसीसी कैडेट्स का दायित्व और बढ़ जाता है। हमें गर्व है कि हमारे इस विद्यालय से सैकड़ों छात्र कैडेट्स देश सेवा में अपना योगदान दे रहे हैं। प्रबन्ध-समिति के महासचिव विजयकिशन अग्रवाल ने कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से ही कैडेट्स में महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद और रवीन्द्र नाथ टैगोर के विचारों का उदय होता है और छात्र-छात्राओं में एक दूसरे के सहयोग के साथ श्रमदान करने की भावना जागृत होती है।

सीईओ महेश कुमार गर्ग ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि ऐसे शिविर हमें सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से समाज कल्याण की ओर अग्रेषित करते हैं। प्राचार्या आशा अवस्थी ने विद्यार्थियों को समाजसेवा करते हुए निरन्तर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहने को कहा। इस अवसर पर एनएसएस अधिकारी बिजेंद्र व छात्र आदि उपस्थित रहे।



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NSS camp started at Vaishya Senior Secondary School


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पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...