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अधिवक्ताओं ने एसडीएम दफ्तर का किया घेराव, एडीसी काे ज्ञापन साैंपा

जिला मुख्यालय की मांग काे लेकर बार एसोसिएशन का चल रहा धरना साेमवार काे भी जारी रहा। अनिश्चितकालीन धरने के 36वें दिन अधिवक्ताओं ने पंचायती राज द्वारा गांवों में कूड़ा कर्कट उठाने के लिए भेजे गए रिक्शा पर जिले का नाम नारनाैल लिखने पर राेष प्रकट किया गया। बाद में इसके विराेध स्वरूप में महेंद्रगढ़ प्रवास पर पहुंचे एडीसी व एसडीएम काे ज्ञापन साैंप कर जिले का नाम गलत लिखने वालाें के खिलाफ कार्रवाही करने की मांग की। हालांकि इस दाैरान एडीसी अभिषेक मीणा ने इसके लिए ठेकेदार काे जिम्मेवार बताते हुए जल्द ही जिले का नाम महेंद्रगढ़ लिखने का आश्वासन दिया।

बता दें कि महेंद्रगढ़ लघु सचिवालय में अधिवक्ता जिला मुख्यालय की मांग काे लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर है। बार एसोसिएशन के बैनर तले चले रहे इस अनिश्चितकालीन धरने के दाैरान क्षेत्र के अनेक सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि व सामाजिक कार्यकर्ता पहुंच कर अपना लगातार समर्थन दे रहे हैं। बावजूद अनिश्चितकालीन धरने के 36 दिन बीत जाने के बाद भी सरकार की तरफ से काेई सकारात्मक पहल नहीं हुई है।

साेमवार काे धरने के दाैरान अधिवक्ताओं ने दाे दिन पूर्व गांवों में कूडा कर्कट उठाने के लिए भेजे गए रिक्शा पर जिले का नाम नारनाैल लिखने पर निंदा की। बाद में सभी ने इसके विराेध में नारेबाजी की। बार प्रधान अजीत सिंह नेतृत्व में लघु सचिवालय में जुलूस निकाला। एसडीएम कार्यालय का घेराव किया। बाद में महेंद्रगढ़ प्रवास पर आए एडीसी अभिषेक मीणा व एसडीएम विश्राम कुमार मीणा काे ज्ञापन साैंप कर जिले का नाम गलत लिखने वालाें के खिलाफ कार्रवाही करने के लिए ज्ञापन साैंपा।

इस माैके पर बार एसोसिएशन प्रधान अजीत यादव एडवोकेट ने कहा कि स्वच्छता अभियान के तहत गांवों में भेजी गई रेहड़ी पर जिले का नाम नारनाैल लिखा गया है। जाे गलत है। इसके अतिरिक्त कुछ विभाग पत्राचार के दाैरान जिले का नाम नारनाैल लिख रहे हैं। इसका हम विराेध करते हैं। भविष्य में यदि काेई विभाग या अधिकारी ऐसा करेगा ताे उसके विरूद्ध कानूनी कार्रवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि ज्ञापन के दाैरान एडीसी अभिषेक मीणा ने उन्हें बताया कि रिक्शा पर कम्पनी की गलती से नारनौल लिखा गया था। जिसको दुरूस्त करवा दिया गया है। जहां तक पत्राचार का सवाल है उसको भी ठीक कर दिया जाएगा।

महेंद्रगढ़ के नाम से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं राव दानसिंह
कांग्रेस विधायक राव दानसिंह ने कहा है कि महेंद्रगढ़ सबसे पुराने जिलों में शुमार रहा है। जिला महेंद्रगढ़ के नाम के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा गांवों में भेजी गई सफाई रिक्शाओं पर जिला नारनौल लिखा जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसको लेकर लोगों में रोष व्याप्त है। इस मामले को लेकर उन्होंने एडीसी अभिषेक मीना से फोन पर बात की है और जिला महेंद्रगढ़ के नाम को हटाकर जिला नारनौल लिखने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच करने व जल्द से जल्द जिला महेंद्रगढ़ के नाम को लिखवाने के लिए कहा है।

राव दान सिंह ने कहा कि महेंद्रगढ़ क्षेत्र के हकों के साथ लगातार खिलवाड़ होता रहा है। महेंद्रगढ़ जिला होते हुए भी जिला मुख्यालय से वंचित रहा और लोगों को अब आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि महेंद्रगढ़ की आवाज को उन्होंने विधानसभा में बड़े जोरदार तरीके से उठाया था और उन्हें उम्मीद है कि जल्दी ही महेंद्रगढ़ क्षेत्र को उसका हक मिलेगा। राव दानसिंह ने कहा कि अगर जल्द ही सफाई रिक्शाओं पर जिला महेंद्रगढ़ का नाम नहीं लिखा गया तो लोगों को मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ेगा।



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Advocates encircle SDM office, ADC memorandum sample


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