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70 वर्षीय किसान साइकिल से अलख जगाओ यात्रा पर निकले

रोहतक जिले के कुलताना गांव से 70 वर्षीय किसान जगबीर सिंह सिंघु बॉर्डर से लेकर राजस्थान बॉर्डर तक साइकिल यात्रा से कृषि कानूनों के विरुद्ध अलग जगाओ अभियान जारी रखे हुए हैं। 34 दिनों से लगातार एक पड़ाव से दूसरे पड़ाव तक ग्रामीण क्षेत्र में लोगों से जनसंपर्क अभियान छेड़े हुए हैं।

साइकिल को अपना मन पसंदीदा वाहन बनाकर बिना थके रात्रि पढ़ाव मोर्चे पर किसानों के साथ ही करते हैं। टिकरी बॉर्डर पर पहुंच जगबीर सिंह ने कृषि अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने वाले 3 तीन काले कानूनों को तुरंत न्यूनतम फसल खरीद कानून के साथ किसानों के हक में फैसला करने की अपील की है। लगातार किसानों के शोषण के विरुद्ध लामबंद बुजुर्गों ने इस बुजुर्ग योद्धा की हौसला अफजाई की। जगबीर सिंह ने बताया कि वे मरते दम तक संघर्ष करते रहेंगे। जगबीर सिंह 180 किलोमीटर तक प्रतिदिन साइकिल से यात्रा कर अनोखा उदाहरण पेश कर रहे है।



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रोहतक जिले के कुलताना गांव के 70 वर्षीय किसान जगबीर सिंह।


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पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...