स्पर्धा में विजेताओं को किया सम्मानित, नगर की 20 से 40 वर्ष के बीच की पुरुषों एवं महिलाओं ने भाग लिया
हरियाणा योग परिषद आयुष विभाग पंचकूला द्वारा अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव को लेकर ध्यान योग शिविर व श्री गीता जी के श्लोकाच्चारण प्रतियोगिता की जा रही हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय गीता श्लोकाच्चारण प्रतियोगिता में नगर की 20 से 40 वर्ष के बीच की पुरुषों एवं महिलाओं ने भाग लिया। आयोजन की अध्यक्षता भारत स्वाभिमान न्यास जिला प्रभारी विकास राणा एवं मुकेश कुमार व रविन्द्र सांगवान ने की। इस दौरान बाबा सुरेन्द्र पुरी महाराज भी मुख्य रूप से उपस्थित हुए।
ब्रह्माकुमारी प्रेमलता, बहन प्रियंका, बहन पूजा ने अपने मुखारबिंद से श्रीमद्भागवत गीता के दौरान उपस्थित श्रद्धालु भक्तों को सम्बोधित करते हुए कहा कि यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत, अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम, अर्थात् - हे भारत (अर्जुन), जब-जब धर्म ग्लानि यानी उसका लोप होता है और अधर्म में वृद्धि होती है, तब-तब मैं (श्रीकृष्ण) धर्म के अभ्युत्थान के लिए स्वयम् की रचना करता हूं अर्थात अवतार लेता हूं। कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन, मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणिज्ज् अर्थात् - कर्म पर ही तुम्हारा अधिकार है, कर्म के फलों में कभी नहीं... इसलिए कर्म को फल के लिए मत करो। कर्तव्य-कर्म करने में ही तेरा अधिकार है फलों में कभी नहीं।
अत: तू कर्मफल का हेतु भी मत बन और तेरी अकर्मण्यता में भी आसक्ति न हो। कार्यक्रम में जयभगवान लखेरा, बीके धर्मबीर, बीके महाबीर, बीके मनोज कुमार, बीके सुनील, बीके श्याम लाल, बीके सावित्री देवी, सरोज देवी, संतरा देवी, सविता देवी, मानसी कंसल, डॉ. मोनिका, सुरेन्द्र डबास, शशी गोयल, मुकेश देवी, संतरा देवी, सुरेन्द्र आर्य, सुनील कुमार शास्त्री, टेकचंद भारद्वाज, आजाद सिंह गोदारा, रमेश मुंजाल, सदाराम जांगड़ा, श्यामलाल व शशि गोयल, सावित्री देवी, बिशन सिंह आर्य, सुरेंद्र शास्त्री, रविंद्र सांगवान, मुकेश सांगवान, कर्ण सिंह सोनी, राजकुमार वर्मा, डॉ. राजेश कौशिक, जयंत सोनी, सुरेश सिंगल, मुकेश कंसल, महेश प्रधान, सुरेन्द्र कुकरेजा, आजाद सिंह गोदारा, दिनेश शास्त्री आदि उपस्थित थे।
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