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बीमारियों से बचाव के लिए पौष्टिक आहार का सेवन जरूरी

महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से चलाए जा रहे पोषण अभियान के तहत शनिवार काे कुलदीप एंड पार्टी नृत्य मंडली ने अटेली खंड के गांव खोड़, फतनी, तोबड़ा व ताजपुर गांवों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को पोषण के बारे में जागरूक किया। मंडली ने संतुलित खानपान का आग्रह करते हुए कहा कि शरीर को स्वस्थ रखने और बीमारियों से बचने के लिए नियमित पोषण की आवश्यकता होती है।

इसलिए पौष्टिक व संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए, जिसमें विटामिन, प्रोटीन, फाइबर, आयरन, कैल्शियम जैसे सारे पौष्टिक तत्व मौजूद हों। हरी सब्जियां, साबुत अनाज व ताजे फल इन तत्वाें का स्राेत हैं। स्वस्थ शरीर के लिए इन आहारों का सेवन जरूर करें। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाएं व बच्चे आंगनबाड़ी से मिलने वाले पोषण आहार अवश्य खाएं। इस अवसर पर सरपंच, आंगनबाड़ी सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व आंगनबाड़ी सहायिका व समस्त ग्रामवासी मौजूद रहे।

एबीवीपी के राष्ट्रीय अधिवेशन का सदस्यों ने देखा सीधा प्रसारण

भारतीय विद्यार्थी परिषद के 66वें राष्ट्रीय अधिवेशन का शनिवार लाइव प्रसारण किया गया। अटेली के वार्ड 10 में इसका प्रसारण देखने के लिए संगठन की ओर एलईडी का इंतजाम किया गया। जिसमें नगर मंत्री अमित यादव, सहमंत्री ललित, हेमंत यादव, पूर्व सचिव गौरव, विक्रम शर्मा, संदीप चौहान, रवि, राजपाल, कुलदीप, इंद्रजीत, मोहित, विशाल सहित अनेक सदस्यों ने सीधा प्रसारण देखा।

परिषद के प्रांत कार्यकारिणी सदस्य राहुल यादव के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व नगर मंत्री संदीप रोहिल्ला ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद देशभर में छात्र हितों के हर सरकार व प्रशासन के समक्ष अपने मुद्दों को प्रमुखता से उठाता हैं। देश में हर युवा को शिक्षा मिले इसके लिए देश के स्कूल, कॉलेज में संघर्ष करते रहते हैं। इसकी मूल अवधारणा ज्ञान, शील व एकता के बल पर राष्ट्र का निर्माण करना हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी की वजह से अधिवेशन का लाइव प्रसारण किया गया।



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Nutritious diet is necessary to prevent diseases


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पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...