Skip to main content

बाबा बंदा सिंह बहादुर गुरुद्वारा में श्रद्धालुओं ने बलिदान दिवस पर गुरु गोविंद सिंह के परिवार के शौर्य और बलिदान को किया याद

बाबा बंदा सिंह बहादुर गुरुद्वारा में विभिन्न संगठनों ने गुरु गोविंद सिंह के परिवार को श्रद्धांजलि देकर बलिदान दिवस के रूप में मनाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बजरंग दल के जिला संयोजक कृष्ण गुर्जर ने की। कार्यक्रम की शुरुआत गुरुद्वारा के भाईजी द्वारा अरदास कर की गई। साहिल शर्मा ने पिता वारियां ते लाल चारों वारिया गीत द्वारा गुरुयश गाया।

बजरंग दल के जिला संयोजक कृष्ण गुर्जर ने कहा कि आज हमारा समाज गुरु गोविंद सिंह के चारों साहबजादों के बलिदान को भूलकर ऐसे नकली त्यौहार को मना रहा है, जिसकी हमारी संस्कृति से कोई संबंध नहीं है।
आज हमारा यह एक गिलहरी प्रयास है। यह हमारी पीढ़ियों को हमारे पुरखों के शौर्य व बलिदान को याद दिलाने का है। खत्री एकता समिति के प्रधान विनोद, बंदा सिंह बहादुर युवा सेवा दल के प्रधान सतवंत सिंह, मोनू मालवाल, रामअवतार सिंह, राहुल खुराना, तनुज खुराना, बाबा बंदा सिंह बहादुर गुरुद्वारा के प्रधान सुभाष गिरधर, अमरजीत, निहाल सिंह, गगनदीप सिंह तूर, सुदर्शन सचदेवा व अन्य ने भी विचार व्यक्त किए व गुरु गोविंद सिंह महाराज व उनके परिवार के जीवन पर प्रकाश डाला।

शमां मल्होत्रा अजय भारद्वाज, राजेश बढ़ाना, साहिल सिरसिया, कृष्ण, मदन, राजकुमार जुनेजा, बंटी मधवा, अशोक कुमार, सुनील कुमार गिरधर, संजय कुमार, महेश खुराना, हरीश खुराना, सीताराम तागरा, कुलभूषण, कमल नयन, किशोरी लाल नागपाल, गुलशन कुमार, गुलशन मक्कड़, रमेश अरोड़ा, संजय भूटानी, कपिल सैनी, अंकुर ठाकुर, कपिल कुमार, सुनील प्रधान वॉ अनेक लोग मौजूद रहे।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
In Baba Banda Singh Bahadur Gurdwara, devotees remember the valor and sacrifice of Guru Govind Singh's family on the sacrifice day


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3psDMqH

Popular posts from this blog

पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...