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नक्शे, एनओसी, एनडीसी और अन्य डिवेलपमेंट के काम नहीं हुए शुरू

नगर निगम में भवनाें के नक्शे, एनओसी व एनडीसी (नो ड्यूज सर्टिफिकेट)समेत अन्य डेवलपमेंट कार्य शुरू नहीं होने से शहरवासी ताे परेशान हैं ही, वहीं नगर निगम काे भी अपने अधिकारियाें व कर्मचारियाें का वेतन भी सरकारी ग्रांट से देना पड़ रहा है। वेतन व पेंशन के रूप में 3 कराेड़ रुपए जाते हैं। नगर निगम में 20 मार्च से अब तक 70 दिन में मात्र एक लाख की ही आमदनी हुई है।
नगर निगम में अब तक जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदन जमा हाेने के साथ-साथ ये ही बनने शुरु हुए हैं। राेजाना 50 से ज्यादा आवेदन जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्राें के ही आ रहे हैं। अब 2 दिनाें से नए आवेदनाें की ही रसीद कटनी शुरू हुई हैं।


मार्च व अप्रैल में मिली 17.30 कराेड़ की ग्रांट
पानीपत नगर निगम काे मार्च में 12.30 कराेड़ रुपए की सरकारी ग्रांट मिली थी। इसे डेवलपमेंट के कार्याें में प्रयाेग करना था। इसी ग्रांट से अधिकारियाें व कर्मचारियाें का वेतन देने के साथ-साथ पेंशन का भी भुगतान किया गया। वहीं अप्रैल में 7 कराेड़ की ग्रांट मिली। इसमें स्पेशल लिखा आया कि ओनली यूज फाॅर सैलरी एंड पेंशन।
नगर निगम में सामान्यत 5 कराेड़ रुपए तक ही आमदनी हाेती है। जाेकि साामान्य स्टैंप ड्यूटी, इलेक्ट्रिसिटी से 2 प्रतिशत चार्ज, प्राॅपर्टी टैक्स, एनडीसी, भवन नक्शा व एनओसी समेत अन्य कामाें से ये आय हाेती है। अब ये सभी काम बंद पड़े हैं।

साेमवार से शुरू हाेे जाएंगे काम : कमिश्नर
नगर निगम कमिशनर ओमप्रकाश ने कहा कि डेवलपमेंट के काम साेमवार से शुरू हाे जाएंगे। इसकाे लेकर संंबंधित ब्रांच के अधिकिारियाें व कर्मचारियाें काे अवगत करवा दिया है। ब्रांच में तैयारियां भी शुरू हाे गई हैं। सबसे पहले जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र शुरू करवा दिए थे। इन पर काम इसलिए शुरू किया था, क्याेंकि ये सबसे ज्यादा जरूरी हाेते हैं। अब धीरे-धीरे अन्य काम भी शुरू कर रहे हैं।



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Maps, NOC, NDC and other development did not start


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