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विदेश भेजने के नाम पर 30 लाख की ठगी

विदेश भेजने के नाम पर 30 लाख की ठगी का मामला सामने आया है । पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है ।उरलाना कलां गांव कुलदीप सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका पड़ोसी नरवर सिंह, सतवंत सिंह, हरमिलाप और जगतार सिंह अमेरिका गए थे। इनको लोगों से हमारे घरेलू रिश्ते हैं। कुलदीप ने बताया कि 28 अगस्त 2019 को वह नरवर सिंह के घर गया हुआ था। वहां पर पूजा ओवरसीज सर्विस करनाल की मालिक पूजा उसके पति व हिस्सेदार अंग्रेज सिंह मिले। उन्होंने कहा कि हम लोगों को अमेरिका भेजने का काम करते हैं और तुम्हें परिवार सहित भेज देंगे इसके एवज में तुम्हें ₹50 लाख रुपए देने होंगे । बाद में बात 45 लाख में बनी। कुलदीप ने पुलिस में दी शिकायत में बताया की 16 अक्टूबर 2019 को पूजा व उसका हिस्सेदार अंग्रेज सिंह उसके घर आए और कहा कि तुम्हारा काम शुरू हो गया है पैसे ट्रांसफर कर दो । ₹5 लाख उनके खाते में ट्रांसफर कर दिए । उसके बाद उन्होंने 5 लाख रुपए और देने की बात कही वे भी दे दिए। कुछ दिन बाद इन्होंने बेटे व मेरी पत्नी का ऑस्ट्रेलिया का वीजा लगाने की बात कही । वहां पर इन्होंने हमें एक होटल में ठहरा दिया और 4 दिन बाद हमें एक टिकट दी और कहा वियाना से जर्मनी होते हुए मैक्सिको पहुंच जाओ । इस पर हम ने मना कर दिया कि हमें सीधा अमेरिका पहुंचाने की बात हुई थी और हम वापस इंडिया आ गए ।
वापस आने के बाद हम करनाल स्थित पूजा के कार्यालय में पैसे मांगने गए तो उन्होंने कहा कि तुम्हें ₹20 लाख नकद देने होंगे सीधा अमेरिका भेज दिया जाएगा । हमने कई लोगों के सामने इन्हें ₹20 लाख नकद दे दिए। लेकिन यह हमें अमेरिका भेजने के नाम पर टालमटोल करते रहे जब हमने पैसे वापस मांगे तो जान से मारने की धमकी दी । उसके बाद ही हमने मामले की शिकायत पुलिस को दी । जांच अधिकारी एएसआई रोहताश कुमार ने बताया कि मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है ।



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पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...