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बैंक अिधकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भेजी शिकायत, बोले-किया गया है दुर्व्यवहार

खंड के गांव दड़बाकलां स्थित पंजाब नेशनल बैंक के कर्मचारी ने बैंक से ही निकाली गई राशि को दूसरे खाते में जमा करने से इंकार कर दिया। बैंक के कैशियर का तर्क था कि वह 10-10 की गड्डी यानि छोटे नोट जमा नहीं करेगा। पीड़ित उपभोक्ता ने इस मामले में सीएम को पत्र लिखकर कार्रवार्ई की मांग की। उधर बैंक प्रबंधक ने खाता बंद करने की धमकी भी दे दी है। हालांकि बाद में उपभोक्ता की ओर इस विवाद की विडियो बनाए जाने पर उसकी राशि खाते में जमा कर ली गई। गांव दड़बाकलां निवासी अंगद कुमार ने 27 मई को गांव में स्थित बैंक से अपने पिता के खाते से चैक के माध्यम से कुछ राशि निकलवाई। इसी राशि में से उसने बीस हजार रुपये अपने खाते में जमा करवाने चाहे।

उसने बताया कि बैंक ने उसे दस-दस रुपये वाली गड्डियां दी थी। गड्डी वाले नोट जब उसने अपने खाते में जमा करवाने के लिए दोबारा दिए तो कैशियर ने नोट लेने से साफ इंकार दिया। उपभोक्ता अंगद ने कहा कि ये नोट कुछ समय पूर्व उसी ने उसे दिए हैं। अंगद का आरोप है कि कैशियर ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया। जब उसने इसकी विडियो बनानी शुरू की तो बैंक प्रबंधक ने आकर उसे ऐसा करने से मना किया। साथ ही कहा कि छोटे नोट जमा नहीं किए जाएंगे। जब बैंक प्रबंधक को बताया कि ये छोटे नोट कुछ समय पूर्व कैशियर ने ही उसे दिए हैं। जिसके बाद बैंक प्रबंधक ने उसका खाता बंद करने की धमकी दी। जब उसने इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने की बात कही तो बैंक प्रबंधक ने पैसा जमा करवा दिया।

अंगद ने बताया कि बैंक अधिकारी उपभोक्ता के साथ दुर्व्यवहार नहीं कर सकता और न ही आरबीआई की गाइड लाइन के अनुसार वह छोटे नोट लेने से इंकार कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर बैंक में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं तो उसकी फुटेज की जांच करवाई जाए, जिससे साफ पता चल जाएगा कि उसके साथ किस प्रकार से दुर्व्यवहार किया गया। अंगद ने बताया कि उसने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और आरबीआई के चेयरमैन को भी की है। उसने मांग की है कि दुर्व्यवहार करने वाले कैशियर और धमकी देने वाले बैंक प्रबंधक पर कार्रवाई की जाए। वहीं बैंक मैनेजर रवि शर्मा ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है।



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