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हांसी से 32 और मजदूरों को मिली बिहार लौटने के लिए हरी झंडी

अपने प्रदेश में लौटने के लिए 32 और प्रवासी मजदूरों को हरी झंडी मिल गई। हिसार रोड पर स्थित राधा स्वामी सत्संग ब्यास आश्रम में इन मजदूरों का रजिस्ट्रेशन किया गया। मजदूरों को मंगलवार को हिसार से रेलगाड़ी से रवाना किया जाएगा। प्रदेश लौटने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने वाले यह मजदूर बिहार के हैं। लगभग सभी मजदूर हांसी शहर में रहते हैं और पिछले लंबे समय से यहां काम कर रहे थे। लॉकडाउन के दौरान इन्होंने अपने घर लौटने की इच्छा जताई और रजिस्ट्रेशन कराया।

रजिस्ट्रेशन के बाद सभी मजदूरों को आश्रम बुलाया गया। आश्रम में उनकी चिकित्कीय जांच की गई। मंगलवार को रोडवेज की बस से इन मजदूरों को हिसार भेजा जाएगा। हिसार से रेलगाड़ी से यह मजदूर बिहार के लिए रवाना किया जाएंगे। घर लौटने वाले इन मजदूरों में बिहार के गया, औरंगाबाद और पटना इलाके के लोग शामिल हैं।



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बिहार लौटने के लिए हांसी में रजिस्ट्रेशन करवाते प्रवासी मजदूर।


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पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...