Skip to main content

कंटेनमेंट जोन हुआ छोटा, 876 घर हुए बाहर, 20 नाके हटे

वार्ड आठ के कंटेनमेंट जोन को छोटा कर दिया गया है। जोन में पहले करीब 12 सौ आवास शामिल किए गए थे। पुनर्निर्धारण में यह 876 घरों को कंटेनमेंट जोन से बाहर कर दिया गया है। अब 324 घर ही बचे हैं। पुलिस ने कंटेनेमेंट जोन में लगाए गए 27 नाकों में से 20 को हटा लिया है।

पूरे जोन में अब केवल 7 पुलिस नाके रहेंगे। प्रशासन द्वारा उमरा गेट से बजरिया चौक, बजरिया चौक से चार कुतुब गेट, चार कुतुब गेट से तिकोना पार्क से उमरा गेट तक के क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया था। कुल 27 नाके लगाकर इस जोन को सील बंद कर दिया था। कंटेनमेंट जोन घोषित होने के बाद कोई न तो उस जोन में आ सकता है न ही बाहर जा सकता है। अब इस कंटेनमेंट जोन को छोटा किया गया है।

सिविल सर्जन द्वारा पत्र लिखकर कंटेनमेंट जोन को रिवाईज करने के लिए पत्र लिखा गया था। मंगलवार को डीसी ने इसके लिए नए निर्देश दिए गए। नए आदेशों में पोस्ट ऑफिस के समीप छाबड़ा आचार वाली गली, सेठी चौक में संजय फोटोग्राफर वाली गली, बुआ जी का गौसाई मंदिर, गौसाईं वाली गली, मेन बाजार, डॉ. बंसीधर का मकान व उमरा गेट को रखा गया है। इसके अलावा अन्य क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन से निकाल दिया गया है। चार कुतुब, तिकोना पार्क के समीप के क्षेत्र के लोगों को इससे काफी राहत मिलेगी।

वहीं, इसमें जो बाजार के साथ वाली गलियां थी उनमें कुछ में बैरियर हटाए गए हैं। कुछ में बैरियर को अंदर कर दिया है। नए निर्देशों के बाद नाके हटाने के लिए एसडीएम डॉ. जितेंद्र अहलावत व एसएचओ सिटी जसवीर सिंह कंटेनमेंट जोन में गए। वहां पर निरीक्षण किया और निर्देशों के अनुसार जोन को छोटा कर दिया। 20 नाकों को वहां से हटा दिया गया। सोमवार को विधायक विनोद भयाना व एसडीएम डॉ. जितेंद्र अहलावत ने क्षेत्र का निरिक्षण किया। इस दौरान लोगों ने अपनी समस्याएं उनके सामने रखी थी। लोगों की बातें सुनने के बाद एसडीएम ने रिपोर्ट बनाकर डीसी को भेज दी थी। जिससे जोन छोटा होने की संभावना थी।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Containment zone reduced, 876 houses moved out, 20 blocks removed


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3elU3bb

Popular posts from this blog

पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...