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महिला आयोग के सामने पंचकूला में रिकॉर्डिंग लेेकर पेश हुईं एसएचओ

हाईप्रोफाइल गैंगरेप मामले में ब्लैकमेल कर सवा 7 लाख रुपए लेते पकड़ी गई महिला के रिमांड के लिए पुलिस ने कोर्ट में अप्लीकेशन दी है। साथ ही उसकी जमानत का विरोध किया है। पुलिस का तर्क है कि जमानत के बाद महिला सुबूत मिटा सकती है। उधर, महिला के वकील ने पहले जमानत याचिका लगाई है। कोर्ट ने पुलिस का पक्ष सुनते हुए केस काे ड्यूटी मजिस्ट्रेट के पास भेज दिया है, जहां 28 अगस्त लेकर बहस हाेगी।

करनाल में जुलाई में महिला ने स्कूल के संचालक, प्रिंसिपल, तहसीलदार पर गैंगरेप का केस दर्ज किया गया। फिर स्कूल संचालक ने महिला के खिलाफ ब्लैकमेल करने की शिकायत दी। एसपी ने दोनों केसों में एसआईटी बनाई। इस दौरान 21 अगस्त को स्कूल संचालक के साथ समझौते के लिए सवा 7 लाख रुपए लेते हुए महिला और उसके पति को गिरफ्तार किया।

22 अगस्त को उसको कोर्ट में पेश कर पुलिस ने दो दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन महिला और उसके पति को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। 24 अगस्त को पुलिस ने दोबारा से रिमांड के लिए अपील की गई। पुलिस की तरफ से कोर्ट में दी गई अपील में कहा कि महिला ने समझौते के तौर पर 6 लाख रुपए लिए हैं। सवा 7 लाख के साथ पकड़ी गई है। इसलिए रिकवरी के लिए महिला का रिमांड जरूरी है। उधर, महिला पक्ष की तरफ से वकील विनय बसंल ने भी जमानत के लिए अपील की है।

पुलिस और आरोपी महिला को भी पंचकूला बुलाएगा आयोग
महिला आयोग की सदस्य एडवोकेट नम्रता गौड़ ने बताया कि पुलिस और आरोपी महिला को बुलाया गया था। पुलिस की तरफ से महिला थाना करनाल की एसएचओ पेश हुई है। उन्होंने कई रिकॉर्डिंग सुनाई है और कुछ तथ्य भी दिखाए हैं। इस केस में और पुलिस अधिकारी इसलिए नहीं आ पाए कि कोर्ट में बुधवार को बहस थी। आरोपी महिला भी जमानत के बाद ही उनके पास आ सकती है। इसलिए तिथि तय करके पुलिस और आरोपी महिला को बुलाया जाएगा।



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