प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाश मणि के स्मृति दिवस पर सेक्टर-9 स्थित सेवा केंद्र में सभा का आयोजन किया गया। सेवा केंद्र की संचालिका प्रेम दीदी ने कहा कि दादी प्रकाशमणि ने सन 1969 से लेकर 2007 तक मुख्य प्रशासिका के रूप में इस विषय में अपनी सेवाएं प्रदान की। उनके कार्यकाल में संस्था ने बीज से एक वट वृक्ष का रूप धारण किया। 140 देशों में परमात्मा शिव का दिव्य संदेश पहुंचाने का सर्वोत्तम कार्य उनके कार्यकाल में हुआ।
प्रकाशमणि कहा करती थी सभी गुण व विशेषताएं हम सब में भरने वाले तो परमात्मा ही हैं। यह तन मन उनकी ही अमानत है। दादी छोटे, बड़े, बुजुर्ग सबको बहुत स्नेह देती थी। वह बहुत करूणामयी, रहमदिल, क्षमाभाव रखती थी। कई बार माउंट आबू संस्था के मुख्यालय में भारत के बड़े-बड़े महामंडलेश्वर व संत महात्मा धार्मिक सम्मेलन में आते थे तो दादी के स्नेह भाव, रूहानी पालना व आवभगत को देखकर अचंभित हो जाते और कहने लगते दादी आप तो हमारी बड़ी बहन हैं। प्रकाश मणि ने 25 अगस्त 2007 के दिन अपना नश्वर शरीर त्याग संपूर्ण फरिश्ता स्वरूप को प्राप्त किया तब से यह दिन विश्व बंधुत्व दिवस के रूप में मनाया जाता है।
आश्रम में दादी प्रकाशमणि स्मृति दिवस मनाया
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय आश्रम में दादी प्रकाशमणि स्मृति दिवस मनाया। उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की मुख्य संचालिका ब्रह्माकुमारी बहन संगीता ने दादी प्रकाशमणि के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने 38 वर्षों तक प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउंट आबू का नेतृत्व किया। वो सदा निमित, निर्माण व निर्मल वाणी से भरपूर थी।
वह सदा अपने मुख से कहती थी कि मैंने जिंदगी में कभी भी झूठ नहीं बोला है उन्होंने अनेक भाई बहनों की पालना अपने रूहानी स्नेह से की। उनके समय में संस्था देश विदेश के कोने-कोने तक फैल गई। दादी प्रकाशमणि माउंट आबू जाने वाले हर एक भाई-बहन के रहने खाने, ठहरने की व्यवस्था के बारे में स्वयं पूछती थी और कहती थी कि जिसको भी कोई असुविधा हो वह मेरे से मिल लेना। वह एक एक बच्चे का ध्यान रखती थी। दादी प्रकाशमणि की मणि का प्रकाश आज सारे विश्व में चारों ओर फैला हुआ है। इस अवसर पर हेमंत मेहता, महेंद्र भाई, मदन भाई, अमित गोयल, किरण देवगन, उषा बहन, सुनीता बहन, सुदेश बहन, रेशमा माता ने भी अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
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