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गेहूं के 10 और जौ की एक किस्म की पहचान, किसान कर सकते हैं इनकी बिजाई

भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान करनाल के तत्वाधान में अखिल भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधानकर्ताओं की 59वीं कार्यशाला का ऑनलाइन आयोजन हुआ। देश के विभिन्न क्षेत्रों से गेहूं और जौ वैज्ञानिकों ने इसमें हिस्सा लिया। 2019-20 के दौरान हुई प्रगति की समीक्षा करने और 2020-21 के लिए एक अनुसंधान गतिविधियों का खाका तैयार करने के लिए यह बैठक आयोजित की गई।

इस सत्र की अध्यक्षता डॉ. टीआर शर्मा, उप-महानिदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली ने की और वही डॉ. हैंस ब्राउन निदेशक सम्मिट ग्लोबल व्हीट प्रोग्राम इस सत्र के सह-अध्यक्ष रहे। सबसे पहले डॉ. रवि पी. सिंह अध्यक्ष ग्लोबल व्हीट इंप्रूवमेंट सम्मिट ने भारतीय गेहूं सुधार कार्यक्रम में सम्मिट के नए शोध सहयोग-एक अंतर्दृष्टि विषय पर अपनी प्रस्तुति दी। अंतिम सत्र में डॉ. जीपी सिंह निदेशक गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान करनाल ने प्रजाति पहचान समिति वैराइटीज आईडेंटीफिकेशन कमेटी की बैठक की रिपोर्ट प्रस्तुत की।

12 प्रस्तावों पर विचार 11 को मिली मंजूरी

समिति ने सभी 12 प्रस्तावों पर विचार किया और सर्वसम्मति से उनमें से 11 को मंजूरी दी। गेहूं की 10 और जौ की एक किस्म की पहचान की गई। पहचानी गई गेहूं की किस्मों में शामिल हैं, उत्तर-पश्चिमी मैदानी क्षेत्र के लिए एचडी 3298, डीबीडब्ल्यू 187 अगेती बुवाई-सिंचित, डीबीडब्ल्यू 303 अगेती बुवाई-सिंचित, डब्ल्यू एच 1270 अगेती बुवाई-सिंचित; उत्तर पूर्वी मैदानी क्षेत्र के लिए एचडी 3293 सीमित सिंचाई-समय से बुवाई, मध्य क्षेत्र के लिए, सीजी 1029 सिंचित-देर से बुवाई, एचआई 1634 सिंचित-देर से बुवाई, प्रायद्वीपीय क्षेत्र के लिए डीडीडब्ल्यू 48 (डी) सिंचित-समय से बुवाई, एचआई 1633 सिंचित-देर से बुवाई, एनआईडीडब्ल्यू 1149 (डी) सीमित सिंचाई- समय से बुवाई।

उत्तर पश्चिमी मैदानी क्षेत्र के लिए खेती के लिए एक माल्ट जौ किस्म डीडब्ल्यूआरबी 182 सिंचित-समय से बुवाई की पहचान की गई है। इस कार्यशाला का समापन डॉ. पूनम जसरोटिया, आयोजक सचिव इसके बाद डॉ. परमिंदर विर्क, अध्यक्ष, फसल सुधार हार्वेस्ट प्लस, इक्रीसैट, पाटनचेरू, तेलंगाना और डॉ. माइकल बॉम, निदेशक, जैव विविधता और फसल सुधार कार्यक्रम, इकार्डा, मोरक्को ने भारतीय गेहूं और जौ सुधार के लिए अनुसंधान के विभिन्न क्षेत्रों में इन अंतरराष्ट्रीय संगठनों के सहयोग कार्यक्रमों के बारे में प्रस्तुति दी।



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