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क्रैच सेंटर चलाने के लिए बजट उपलब्ध कराया गया, नए सेंटर खोले जाएंगे

कामकाजी महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। शहर में जल्दी हो नेशनल क्रैच स्कीम के तहत नए क्रैच सेंटर खोले जाएंगे। इसके साथ जो सेंटर चल रहे हैं उन्हें अपग्रेड-वे में चलाया जाएगा। 2020-21 में क्रैच सेंटरों को चलाने के लिए बजट उपलब्ध कराया गया। नए सेंटर के लिए सर्वे भी करवाया जा रहा है। जबकि जो क्रैच सेंटर बंद हैं उन्हें खोलने की मांग तेज हो गई है। अधिकारियों की मानें तो अब यहां बच्चों को अधिक समय तर रखा जा सकेगा।

इसके साथ यहां खेलने और एक्टीविटी की सुविधा होगी। अभी सवाल यह है कि क्या कोरोना काल में यह सेंटर खोले जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि नए सेंटरों के लिए सर्वे कराया जा रहा है। इसके साथ ही पुराने सेंटरों को अपग्रेड करके ही चलाया जाएगा।

जिला कार्यक्रम अधिकारी को देनी होगी रिपोर्ट

जिला कार्यक्रम अधिकारी से निरीक्षण उपरांत दी लोकेशन के आधार पर क्रैच सेंटर खोले जाने हैं। लोकेशन परिवर्तन के बारे में भी रिपोर्ट मांगी है। जिला कार्यक्रम अधिकारी से क्रैच केन्द्र की वर्तमान लोकेशन बारे में भी राय देने को कहा गया है। अर्थात जिन केंद्रों की लोकेशन में परिवर्तन किया उसकी रिपोर्ट दे।

11 केंद्र बंद, इनकी वर्कर कर रही हैं सेंटर खोलने की मांग

जिले के करीब 11 क्रैच केंद्र बन्द हैं। इनकी वर्कर सेंटर खोलने की मांग कर रही हैं। करीब दो साल से धरना प्रदर्शन कर रही हैं। अब इन्होंने कहा कि उनके सेंटर को खोला जाए, ताकि आसपास के कामकाजी लोगों को सेंटर से लाभ मिल सके। क्रैच वर्कर ने कहा वह करीब 28 साल से काम कर रही थी। अचानक सेंटर बन्द कर दिए। उन्होंने सीएम दरबार में भी अपनी बात रखी। लगातार सरकार को ज्ञापन भेजें। लेकिन इसके बावजूद उनके सेंटरों की कोई सुध नहीं ली जा रही ।हर बार सर्वे के नाम पर सेंटर बंद बताए जाते हैं। जब यहां सुविधाएं ही नहीं दी जा रही तो निरीक्षण का कोई औचित्य नहीं। सेंटर खोलकर सुविधा दी जाए, इसके बाद सेंटर बंद मिले तो एक्शन लेने का अधिकार है। क्रैच वर्कर्स एसोसिएशन ने भी 13 अगस्त को चिंता जताई है। निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग ने एसोसिएशन को चल रही गतिविधियों की स्टेट्स रिपोर्ट दी है।

80 क्रैच केंद्र चलाने की स्वीकृति मिली है

सोनीपत, जींद, रोहतक, पलवल, झज्जर, रेवाड़ी, भिवानी, हिसार, पानीपत में 80 क्रैच केंद्र चलाने की भारत सरकार ने स्वीकृति दी है। अब सेंटर शुरू करने के लिए हर जिले के कार्यक्रम अधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है।



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